Swasthya Plus Hindi

अपनाएं मुँह की स्वच्छता और दूर करें पायरिया

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पायरिया - लक्षण और इलाज | Dr Pallavi Chaubey on Symptoms & Treatment of Pyorrhea in Hindi

पायरिया मसूढ़ों की एक बीमारी है जिसमें व्यक्ति के मसूढ़ों में सूजन, दर्द और ख़ून आने की समस्या हो जाती है। क्या है पायरिया का पक्का इलाज और क्या है इससे बचाव के तरीक़े, बता रही है डॉ पल्लवी चौबे, डेंटल सर्जन। 

पायरिया की बीमारी में क्या होता है? (What is Pyorrhea in Hindi)

पायरिया मसूढ़ों में होने वाली एक समस्या है जिसमें दांतों को सपोर्ट देने वाली हड्डियाँ और लिगामेंट्स संक्रमित हो जाते हैं जिसके कारण मसूढ़े सूज जाते हैं और दांत ढीले पड़ जाते हैं। हालांकि, सही समय पर इलाज कराने और मुँह की स्वच्छता का ध्यान रखने पर पायरिया जैसे रोग से बचा जा सकता है। 

पायरिया के लक्षण (Symptoms of Pyorrhea in Hindi)

मसूढ़ों का लाल हो जाना, खाना खाते समय मसूढ़ों में दर्द होना, मुँह से बदबू आना और ब्रश करते समय दाँतों से खून निकलना पायरिया के आम लक्षण हैं। इसके अलावा मसूढ़ों के कमज़ोर होने पर दांतों का हिलना और समय से पहले ही निकल जाना जैसी समस्याएँ पायरिया के कारण होती हैं। 

पायरिया होने के कारण क्या हैं? (Causes of Pyorrhea in Hindi)

पायरिया होने के वैसे तो बहुत से कारण हैं लेकिन इनमें से सबसे प्रमुख कारण हैं धूम्रपान करना और तंबाकू जैसे उत्पादों का सेवन करना। इसके अलावा, जेनेटिक कारणों से भी पायरिया होता है। कुछ ऐसी दवाइयां भी होती हैं जिसे लेने से मुंह के अंदर लार का निर्माण कम होता है और इसके कारण मुँह में जमे बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते। यही नहीं, ये भी पाया गया है की डायबिटीज़ के मरीजों में कैविटी, गंदगी का जमना और मुँह की स्वच्छता न रखने पर पायरिया जल्दी पैदा होता है। इसके साथ ही हॉर्मोनल चेंज और खानपान में ज़रूरी विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होने की वजह से भी पायरिया हो सकता है।  

पायरिया से बचाव के तरीक़े (Prevention of Pyorrhea in Hindi)

पायरिया से बचने के लिए आपका आहार ऐसा होना चाहिए जिसमें कैल्शियम, विटामिन बी और विटामिन सी की मात्रा के साथ-साथ ढेर सारा फाइबर मौजूद हो। ज्यादा फाइबर लेने से मुँह में लार का निर्माण भी अधिक होता है जो हमारे मुँह के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा सैचुरेटेड शुगर और फैट्स युक्त चीजें कम खानी चाहिए। मुँह को स्वस्थ रखने के लिए फ्लोराइडयुक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए, रोज़ाना दो बार ब्रश ज़रूर करें, किसी अच्छे माउथवॉश को सोने से पहले इस्तेमाल अवश्य करें। अच्छी जीवनशैली अपनाएं और तनाव कम करने की कोशिश करें। 

पायरिया का उपचार (Treatment of Pyorrhea in Hindi) 

पायरिया के इलाज के लिए सबसे ज़रूरी है मुँह को स्वच्छ रखना जिसके लिए कम से कम दो बार ब्रश करना चाहिए। ध्यान रखें कि इस्तेमाल किए जा रहे ब्रश के ब्रिसेल्स मुलायम हों ना कि कठोर, बहुत ज़्यादा ज़ोर लगाकर ब्रश न करें, कम से कम दो से ढाई मिनट तक दांतों को ब्रश से साफ़ करें, दांतों में फंसे भोजन के टुकड़ों को निकालने के लिए फ्लॉसिंग करना भी आवश्यक है। पायरिया के लक्षण दिखने पर बिल्कुल भी देर न करें और किसी डेंटिस्ट को दिखाएं। इसके उपचार के लिए डॉक्टर शुरुआत में स्केलिंग या फिर रूट प्लानिंग जैसे तरीक़े अपनाते हैं लेकिन अगर इससे भी फ़ायदा न हो तो ऐसे में कुछ एंटीबायोटिक के कोर्स कराए जाते हैं। इन सबके बावजूद भी अगर पायरिया के लक्षण ना ख़त्म हो रहे हों तो डॉक्टर फ्लैप सर्जरी के ज़रिए इसका स्थायी समाधान करते हैं। क्योंकि पायरिया की वजह से मसूढ़ों के अंदर की हड्डियाँ भी गलने लगती हैं इसलिए, इन्हें दोबारा ठीक करने के लिए बोन ग्राफ भी किया जाता है। 

सवस्थ मसूढ़ों के लिए क्या करें? (What to do for healthy gums in Hindi)

ब्रश करने के दौरान मसूढ़ों पर भी अपनी उंगलियों से हल्की मसाज करें, खाना खाने के बाद माउथवॉश या फिर गुनगुने पानी से कुल्ला करें, दाँतों में भोजन फंसने पर उसे फ्लॉसिंग के ज़रिए निकालें और किसी तरह के भी लक्षण दिखने पर बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं। 

क्या पायरिया कैंसर का कारण बन सकता है? (Can Pyorrhea lead to cancer in Hindi)

डॉक्टर के अनुसार कई तरह के शोधों से यह पता चला है कि जिन लोगों में गंभीर पेरियोडोंटाइटिस की शिक़ायत होती है, उनमें करीब 25% मामलों में कैंसर होने की संभावना रहती है।  

डॉक्टर की सलाह (Doctor’s advice in Hindi)

मुँह की स्वच्छता को अपनाएं, कम से कम दो बार दो से ढाई मिनट तक ब्रश करें, फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट और माउथवॉश का उपयोग करें, सही तरह से ब्रश और फ्लॉसिंग करें और साथ ही बैलेंस डाइट लें जिसमें कैल्शियम, विटामिन बी, विटामिन सी और फाइबर की मात्रा अधिक हो। इसके अलावा हर छह महीने के अंतराल पर डॉक्टर से रूटीन चेकअप कराएं। 

डिस्क्लेमर – पायरिया के लक्षण, कारण, इलाज तथा बचाव पर लिखा गया यह लेख पूर्णत: डॉक्टर पल्लवी चौबे द्वारा दिए गए साक्षात्कार पर आधारित है। 

Note: This information on Pyorrhea, in Hindi, is based on an extensive interview with Dr Pallavi Choubey (Dentist) and is aimed at creating awareness. For medical advice, please consult your doctor. 

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