17 मई 2021 को कोविड 19 से पीड़ित मरीज़ों के इलाज के लिए डीआरडीओ (DRDO) द्वारा तैयार किए गए 2-DG यानि 2 – डी ऑक्सी डी ग्लूकोज़ की पहली खेप जारी की गई। ये एक एंटी ड्रग है जो कोरोना पीड़ित लोगों के इलाज के लिए डीआरडीओ की प्रयोगशाला इनमास (INMAS) और डॉ रेड्डी लैबोरेटरी ने साथ मिलकर तैयार किया है। आइए जानते हैं कि क्या है 2-DG और कैसे काम करेगी ये दवाई।  

covid-19

क्या है 2-DG? (What is 2-DG in Hindi)

ये एक एंटी ड्रग है जो ग्लूकोज़ नहीं बल्कि ग्लूकोज़ का ही एक विकल्प है जिसे पाउडर के तौर पर तैयार किया गया है। इस पाउडर को पानी के साथ मरीज़ों को दिया जाएगा। शरीर के अंदर पहुंचकर ये ड्रग हर उस कोशिका तक पहुंचता है जो कि कोरोना वायरस से प्रभावित है।  

कैसे काम करता है 2-DG? (How does 2-DG work in Hindi)

दरअसल कोरोना वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं के अंदर मौजूद ग्लूकोज़ को लेकर अपनी एनर्जी बढ़ाता है। ऐसे में जब ये एंटी ड्रग शरीर में पहुंचता है तो वायरस इसे ग्लूकोज़ समझकर ही ग्रहण करता है लेकिन क्योंकि ये ग्लूकोज़ नहीं बल्कि ग्लूकोज़ की तरह ही संरचना रखने वाला उसका विकल्प है इसलिए इससे वायरस को किसी भी तरह एनर्जी नहीं मिलती और वह अपनी ताक़त नहीं बढ़ा पाता। 

2 dg in covid

मरीज़ों को किस तरह मिलता है फ़ायदा? (How COVID patients will be benefited in Hindi)

जानकार बताते हैं कि इस दवाई के तीसरे ह्यूमन ट्रायल यानि इंसानों पर किए गए प्रयोग में काफ़ी सफलता देखने को मिली है और इसलिए कोविड 19 के मरीज़ों के इलाज के लिए इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। दरअसल, इस एंटी ड्रग को लेने के बाद मरीज़ों की ऑक्सीजन पर निर्भरता कम हो जाती है। कोविड 19 के मरीज़ों को अस्पतालों में ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ती है और इस दवा के इस्तेमाल से मरीज़ों को ऑक्सीजन पर रहने की ज़रूरत में कमी आती है। साथ ही इसके इस्तेमाल से मरीज़ के पहले की अपेक्षा कम समय में ठीक होने की बात भी कही जा रही है। ये भी दावा किया जा रहा है कि ये एंटी ड्रग हर तरह के म्यूटेंट पर असरदार है।  

इस दवाई का उत्पादन तेज़ी से किया जा सकता है और जल्द ही इसे अस्पतालों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। इस दवाई के आने के बाद जानकारों और डॉक्टरों ने कोरोना मरीज़ों के इलाज में और भी बेहतरी होने की उम्मीद जताई है।